Friendship day

​मित्रता , मित्रता और दोस्ती दिन। क्या एक दिन का ही मामला है यह ? आज के तेज गति से भागते जीवन में मातृ दिन पितृ दिन , और न जाने कितने दिन और हाल ये है कि कई दिन तो दो दो , को समर्पित हैं। क्योंकि साल में 365 दिन हैं । वो गाना है न की साल साल दिन ये आये तुम जियो हजारों साल और साल में दिन हो एक हजार । पर बच्चे यह भूल गए की , हजार दिन होंगे तो कैसे खाने को मिलेंगे लड्डू, हम भी अगर बच्चे होते स्टाइल में ?

खैर यहाँ एकदिन वाले एक्टिविटिस्म की है। 

आज कई मित्र घोर कुम्भकर्णीय निद्रा से जाग्रत हो , मित्रता दिवस के खुश होने के , फरमान भेज रहे हैं । मेरी आँखों से ख़ुशी के आंसू भी थाम नहीं रहे , इतने सारे मित्र भी हैं मेरे ? जिनके पास आज काम से कम कुछ आगे धकेलने (फॉरवर्ड) करने के लिए समय निकल आया शायद आगे धकेल भी थोक बंद स्वरुप में हो रहा है ।

आज के विश्वव्यापी जाले (www){ वर्ल्ड वाइड वेब} में करीब करीब सब फंसे हैं और समय जो पहले ही कम पड़ता था और कम होतो जा रहा । 

अब आते हैं असली मुद्दे पर।

 दोस्ती , ये हम ना छोड़ेंगे ! पर अब ये भी फेस बुकिया हो गयो है , सिर्फ लाइक के टिक देखना भर।

दोस्ती है क्या ? 

मेरे गुरूजी कहते थे जहाँ दो अस्त हो जाते हैं वहां से दोस्ती शुरू होती है । अपने अपने नम्बर जांच लें कि सच में 1 ही है कि दो हैं ??

आपको भी दोस्ती मुबारक अगर आपका नम्बर एक है या फिर आपने अपने को शून्य बना असली मित्रता कायम कर ली है ।। 

ख़ास सूचना !

जिन्हें टैग नहीं किया वे परम प्रिय हैं । टैग करना ही दुश्मनी मोल लेना है !

सबको प्रेमभरा अभिनंदन ।

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